हर 100 साल बाद क्यों आती है महामारी | कोरोना महामारी से पहले कौन-कौन से महामारी दुनिया में तबाही मचाई|mahamari in hindi,korona virus in chicken,korona virus in india,coronavirus in india news,coronavirus latest news in hindi,coronavirus symptoms

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महामारी। हर 100 साल बाद आ रही है महामारी इतिहास के पन्नों पर लिखी जायेगी कोरोना वायरस महामारी
1720 में फ्लेग (Plague) की महामारी
  सन 1720 में फ्लैग (Plague) नामक बीमारी शुरुआत हुई यह फ्रांस की  मार्शीले शहर से शुरुआत हुई और धीरे-धीरे पूरे देशों में फैलने लगी वैज्ञानिकों ने इसे great flag of marshile की संज्ञा दी
मार्शीले फ्रांस का एक शहर है
फ्लैग (Plague) की महामारी (epidemics) से लगभग 1 लाख लोगों की मौत हुई यह रोग सालों तक लोगों में महामारी के रुप में छाया रहा।यह रोग 1860 में चीन के हांगकांग में दाखिल हुआ इस दौर में  इसे मार्डन फ्लेग के नाम दिया गया।
यह बीमारी चाइना से दुनिया के पूरे हिस्से में फैल गई चाइना में चूहे के माध्यम से यह बीमारी फैलना शुरू हुई। भारत में इसकी शुरुआत सन 1889 में शुरू हुई। इस बीमारी ने चाइना से ज्यादा भारत में कहर बरपाया था। इस महामारी से सवा करोड़ से ज्यादा लोगों की जानें गई थी। इस बीमारी का अंत सन 1960 में फ्लेग की बीमारी चूहे के जरिए फैलता था इसका फेफड़ों पर बहुत बुरा असर पढ़ता था और 24 घंटों के अंदर व्यक्ति की मृत्यु हो जाती थी।
कोलेरा (cholera) महामारी सन् 1820
   सन 1820 में कोलेरा नामक बीमारी ऐसी भयावह स्थिति उत्पन्न हुई की पूरी दुनिया में (हैजा) महामारी के नाम से जाना जाता है। 1720 के 100 साल बाद इस महामारी में एशियाई देशों में चीन जापान फारस की खाड़ी के देश भारत सहित अनेक देशों में कोलेरा (cholera) ने कहर बरपाया था। कोलेरा (cholera) की वजह से सिर्फ जावा में 1 लाख लोगों की मौत हो चुकी थी।
सन् 1920 में स्पेनिश फ्लू की महामारी
   1820 में कोलेरा महामारी के ठीक 100 साल बाद सन 1920 में स्पेनिश फ्लू का कहर लोगों पर गंभीर समस्या बनकर खड़ी हुई। स्पेनिश फ्लू के चलते 5 करोड़ लोगों की जान गवानी पड़ी। प्रथम विश्वयुद्ध के बाद स्पेनिश फ्लू लोगों की कमर तोड़ कर रख दी एक और विश्व युद्ध से आर्थिक व्यवस्था जर्जर हो चुकी थी तभी इस महामारी ने लोगों की जान लेने शुरू कर दी। माना जाता है कि प्रथम विश्वयुद्ध में सैनिक कैंप में यह फ्लू फैलने लगी और नवंबर 1918 में युद्ध खत्म हुआ सैनिक घर लौटे तो स्पेनिश फ्लू आबादी क्षेत्रो में अपनी पांव पसारना शुरू किया।और सन 1920 के आते-आते स्पेनिश फूलों ने लोगों की स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव छोड़ा। युवा लोगों की स्वास्थ्य प्रतिरक्षा प्रणाली पर भी  इस फ्लू ने बहुत गहरा प्रभाव डाला एवं मानव जीवन पर एक अमिट छाप छोड़ गया।
सन् 2020 में कोरोना वायरस (corona virus) की कहर
   ठीक 1920 से 100 साल बाद अब 2020 में कोरोना वायरस (corona virus) नामक बीमारी ने चीन की हुआंग शहर से फैला और पूरे देशों में से 95 देशों में 1 लाख लोगों को संक्रमित किया है। कोरोना वायरस से अब तक 3800 लोगों से ज्यादा की जानें जा चुकी है। वैज्ञानिकों का दावा है कि साल के अंत तक यह कोरोना वायरस खत्म नहीं होगा। इनमें से कई निमोनिया से पीड़ित हैं जिससे कोरोना वायरस होने की संभावना अधिक होती है। कोरोना वायरस (coronavirus) के लक्षण भी निमोनिया की तरह ही होती है और यह वायु के माध्यम से श्वसन प्रक्रिया से फैलती है।

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